विधानसभा डुमरियागंज के मिठवल ब्लॉक में आयोजित हुई बैठक, नए पदाधिकारियों की हुई नियुक्ति
रविवार को डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मिठवल ब्लॉक स्थित बाबा मटेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में मित्र संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा क्षेत्रीय नेता शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजू श्रीवास्तव ने संगठन की भूमिका और दायित्वों पर जोर देते हुए सेवा, समर्पण और त्याग के मूलमंत्र को दोहराया।
सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: मुख्य अतिथि
बैठक को संबोधित करते हुए राजू श्रीवास्तव ने कहा कि मित्र संघ का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि समाज के गरीब, शोषित और वंचित वर्ग तक केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को ईमानदारी से पहुँचाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
2007 से चल रही है सामाजिक सेवा की मुहिम
मुख्य अतिथि ने बताया कि मित्र संघ वर्ष 2007 से स्वास्थ्य शिविरों, रक्तदान शिविरों तथा अन्य जनहितकारी कार्यों के माध्यम से जनपद सिद्धार्थनगर सहित प्रदेश के कई जिलों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव राम आशीष पाठक ने कहा कि सेवा ही संगठन की पहचान है। मित्र संघ के कार्यकर्ता जिस समर्पण से काम कर रहे हैं, वह समाज के लिए प्रेरणा है।
नए पदाधिकारियों की नियुक्ति
बैठक में मित्र संघ सिद्धार्थनगर जिला इकाई के लिए राघव गिरी को जिला महामंत्री तथा दिनेश सिंह को जिला मंत्री नियुक्त किया गया। यह घोषणा जिलाध्यक्ष विष्णु गिरी द्वारा की गई। उन्होंने विश्वास जताया कि नए पदाधिकारी संगठन की गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाएंगे।
उपस्थिति
रमेश पाण्डेय, वरिष्ठ भाजपा नेता,जनार्दन पाठक, सोशल मीडिया प्रभारी, राजेंद्र चौरसिया ब्लॉक अध्यक्ष,मिठवल,नागेश्वर मिश्रा,ब्लॉक प्रभारी, मिठवल सूर्यनाथ पाठक,कौशल पासवान, अभिषेक हिन्दुस्तानी, शिवांशु श्रीवास्तव, नितिन ओम आदि पदाधिकारी और समाजसेवी मौजूद रहे।
ग्रामीण पत्रकारिता की चुनौतियों पर हुई चर्चा, पत्रकारों ने एकजुटता का संकल्प लिया
डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर द्वारा मंगलवार को संगठन के संस्थापक स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल की 38वीं पुण्यतिथि के अवसर पर नगर पंचायत डुमरियागंज स्थित सभागार में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बाबू बालेश्वर लाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को स्मरण किया।
"संगठन में है शक्ति, पत्रकार हों एकजुट" – माता प्रसाद पांडेय
मुख्य अतिथि माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि संगठन में अपार शक्ति होती है। पत्रकारों को संगठित होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने प्रिंट मीडिया की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सोशल मीडिया के युग में भी प्रिंट मीडिया की प्रासंगिकता बनी हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में पत्रकारिता की अहम भूमिका है।
बाबू बालेश्वर लाल के विचार आज भी प्रासंगिक
वक्ताओं ने गोष्ठी में स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल के विचारों को नमन करते हुए ग्रामीण पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। फेक न्यूज की समस्या पर गंभीर चर्चा हुई।
भनवापुर ब्लॉक प्रतिनिधि लवकुश ओझा ने कहा कि बाबूजी की निडर पत्रकारिता आज भी प्रेरणास्त्रोत है। सपा नेता घिसियावन यादव ने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना है और बाबूजी ने उसे निष्पक्ष रखा।उन्होंने डुमरियागंज में स्वंतत्रता के लिए शहीद हुए स्थानीय लोगों पर लेखन व स्मृति कार्यक्रम के लिए कहा।जिससे आज की भी पीढ़ी उनके बलिदान को याद रख सके।
पूर्व प्रत्याशी इरफान मालिक ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता बाबूजी के आदर्शों से भटक रही है, और ऐसे दौर में उनके सिद्धांतों की ओर लौटना ज़रूरी है।
पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, समाज सेवा का माध्यम
वरिष्ठ पत्रकार पप्पू रिजवी ने कहा कि स्व. बालेश्वर लाल पत्रकारों के मार्गदर्शक थे और उन्होंने पत्रकारिता को समाज सेवा का माध्यम माना।
वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर प्रसाद मिश्रा ने कहा कि आज पत्रकारों को फेक न्यूज और राजनीतिक दबावों से निपटने के लिए एकजुट होना होगा।
वरिष्ठ पत्रकार नफासत रिज़वी ने कहा कि जब भी पत्रकारिता संकट में होती है, बाबूजी जैसे लोगों की विरासत हमें रास्ता दिखाती है।
सरकार पर विपक्ष का हमला
गोष्ठी के समापन पर मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर वार भाजपा की सोची-समझी रणनीति है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में ब्राह्मण समाज के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए, जिससे यह समाज उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में ब्राह्मण समाज भाजपा को सत्ता से बाहर करेगा।
उपस्थित रहे कई वरिष्ठ पत्रकार व पदाधिकारी
कार्यक्रम में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव, तहसील अध्यक्ष राजेश पांडेय, ईओ सचिन कुमार सहित वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार पांडेय, विक्रांत श्रीवास्तव, अनिल द्विवेदी, रवींद्र गुप्ता, मनोज शुक्ला, अज्जू सिंह, लक्की शुक्ला, अफजान फ़ारूक़ी, दीपू दुबे, योगेश यादव, जी. एच. कादिर, वसीम, सूरज श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव, सब्बन काजी, राकेश यादव, आदित्य सिंह, आफताब, अंकित अग्रहरि, नसीम अहमद समेत बड़ी संख्या में पत्रकार और एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित रहे।
पत्रकारों ने लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी पत्रकारों ने स्वर्गीय बाबू बालेश्वर लाल के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।
कुशीनगर : मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुशीनगर के सहयोग से कसया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान, गोरखपुर द्वारा नि:शुल्क कैंसर जांच एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 110 मरीजों की कैंसर संबंधित प्राथमिक जांच की गई।
शिविर में कैंसर अस्पताल के डॉ. सी. पी. अवस्थी व सहायक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने गंभीरता से प्रत्येक मरीज की जांच कर उचित परामर्श दिया। मरीजों को अस्पताल द्वारा नि:शुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं। मरीजों व उनके परिजनों को कैंसर के लक्षण, बचाव एवं इलाज के तरीकों की जानकारी भी दी गई।
जागरूकता का दिया संदेश
डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि कैंसर कई प्रकार के होते हैं, जैसे फेफड़े, स्तन, प्रोस्टेट, त्वचा, किडनी, रक्त व गले का कैंसर आदि। उन्होंने कहा कि समय पर जांच न होने से मरीज अंतिम चरण में अस्पताल पहुंचते हैं। समय-समय पर जांच और जागरूकता ही बचाव का उपाय है।
शिविर प्रशासक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि कैंसर अब लाइलाज नहीं है। आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और बायोप्सी जैसी जांच से सटीक निदान संभव है। उन्होंने कैंसर के संबंध में फैली भ्रांतियों को दूर करने की अपील की।
सफल आयोजन में सभी का सहयोग
शिविर में उपस्थित लोगों को कैंसर जागरूकता सामग्री भी वितरित की गई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. मार्कण्डेय चतुर्वेदी सहित चिकित्सा स्टाफ व अन्य कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
शनिवार को भारतीय जनता पार्टी सिद्धार्थनगर द्वारा जिला मुख्यालय नौगढ़ स्थित निजी मैरेज हाल में "वक्फ सुधार अधिनियम जनजागरण अभियान" के तहत अल्पसंख्यक प्रबुद्ध संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डुमरियागंज लोकसभा सांसद एवं जेपीसी चेयरमैन जगदम्बिका पाल उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में जगदंबिका पाल ने कहा कि वक्फ सुधार अधिनियम देश के गरीब, बेसहारा अल्पसंख्यक परिवारों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि सच्चर समिति की रिपोर्ट में बोहरा, आधारखानी, पासमंदा, ओबीसी मुस्लिम और मुस्लिम महिलाओं की बदहाली उजागर की गई थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इसे नजरअंदाज किया। वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने तुष्टीकरण नहीं, सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है।
पहली सरकार जो सम्मान और अधिकार दोनों देती है
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि शेशन जमीर, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा ने मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह पहली सरकार है जो सभी वर्गों को सम्मान और अधिकार देती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने की। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम सांसद जगदम्बिका पाल की अध्यक्षता में पारित हुआ, जो इतिहास में दर्ज होगा।
विशिष्ट उपस्थिति
कार्यक्रम में शिवनाथ चौधरी, राशिद पठान, खालिक रहमान, सब्बु साहनी, जहीर सुमताज अली, रहमतुल्ला, कलीम खान सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के कार्यक्रम में नगरवासियों की रही सक्रिय भागीदारी
जनपद सिद्धार्थनगर के नगर पंचायत डुमरियागंज में मंगलवार को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नगरवासियों ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। यह आयोजन कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुई आतंकवादी घटना के विरोध में किया गया, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी थी।
डुमरियागंज-बस्ती मार्ग पर पाकिस्तान का झंडा बिछाकर लोगों ने गाड़ियों और पैरों से उसे रौंदा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'आतंकवाद मुर्दाबाद' और 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान के प्रति सख्त रुख अपनाने की मांग की।
घटना पर पत्रकारों की तीखी प्रतिक्रिया
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव व तहसील अध्यक्ष राजेश पाण्डेय ने पहलगाम की घटना को कायरतापूर्ण और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आधार पर पर्यटकों की हत्या मानवता के विरुद्ध है और भारत सरकार को इसका सख्त जवाब देना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार संजय त्रिपाठी व अजय कुमार पांडेय ने कहा कि जिस तरह लोगों ने सड़क पर पाकिस्तान के झंडे को रौंदा, उसी तरह भारत सरकार को पाकिस्तान को जवाब देना चाहिए।
कई गणमान्य रहे उपस्थित
इस दौरान रूहेल अहमद, रविन्द्र कुमार गुप्ता, वसीम अकरम, सीएल पाण्डेय, सूरज श्रीवास्तव, अंकित अग्रहरि, जेपी सिंह, अवधेश चौधरी, हरीश पाण्डेय, मकेश्वर पाण्डेय, गौतम अग्रहरि, विष्णु श्रीवास्तव, गंगासागर दूबे आदि मौजूद रहे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनपद सिद्धार्थनगर के तहसील डुमरियागंज स्थित गुरू गोरक्षनाथ ज्ञान स्थली, वृन्दावन, नगर पंचायत भारतभारी के पास बने हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर से पहुंचे।
शिलापट अनावरण और उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने गुरू गोरक्षनाथ ज्ञान स्थली विद्यालय का शिलापट अनावरण किया और भवन का फीता काटकर उद्घाटन किया। इसके बाद गुरू गोरक्षनाथ की मूर्ति का अनावरण किया। उन्होंने मंच पर मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, जिसके बाद विद्यालय के बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
जनता को संबोधनमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिद्धार्थनगर का नाम महात्मा बुद्ध के पूर्व नाम राजकुमार सिद्धार्थ से प्रेरित होकर पड़ा है। उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ज्ञान ही जीवन में प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि 2008 से पहले इस क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत अभ्युदय योजना और अटल आवासीय विद्यालयों की शुरुआत की गई है।
भारत देश की बदलती तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश ने बड़ा बदलाव देखा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत अब विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण, प्रयागराज कुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान और भारत की सांस्कृतिक विरासत को लेकर अपनी बात रखी।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, पंखे, कूलर और बेंच जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
राघवेन्द्र प्रताप सिंह हुए भावुक
पूर्व विधायक डुमरियागंज राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए कहा, "आज मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैंने पिछले महीने ही मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया था कि वे विद्यालय के उद्घाटन के लिए आएं, और उन्होंने मेरा अनुरोध स्वीकार किया।" उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे इस विद्यालय के मुख्य संरक्षक बनें।उन्होंने बताया कि मैने जो भी सिखा है वह मुख्यमंत्री के सानिध्य में सिखा है।
इस अवसर पर श्रम एवं सेवा योजन मंत्री अनिल राजभर, विधायक जय प्रताप सिंह, विधायक श्यामधनी राही, विधायक विनय वर्मा,पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी,जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, कुलपति कविता शाह, उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग महेश शुक्ला,ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि लवकुश ओझा,नरेंद्र मणि त्रिपाठी,नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्र प्रकाश वर्मा व धर्मराज वर्मा,रिशु सिंह,कमलेंद्र त्रिपाठी,घनश्याम गौड़,शुभम अग्रहरि समेत कई अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
रामनवमी की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने समस्त जनता को रामनवमी की बधाई दी और कहा कि उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का कार्य जारी रहेगा।
पुरानी रंजिश में धारदार हथियार से हमला
जनपद सिद्धार्थनगर के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के पड़िया गांव में शुक्रवार रात एक भतीजे ने पुरानी रंजिश के चलते अपने बड़े पापा की बेरहमी से हत्या कर दी। धारदार हथियार से सिर और गले पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस घटना से पूरे गांव में दहशत फैल गई, जबकि परिवार में कोहराम मच गया।
पड़िया गांव निवासी जगराम उर्फ डेबई (60) पुत्र सत्तन शुक्रवार रात घर के बाहर बने छप्पर में सो रहे थे। रात करीब 10 बजे उनका भतीजा अजय उर्फ अभिषेक पुत्र जवाहर वहां पहुंचा और पुरानी रंजिश के चलते धारदार हथियार से उनके सिर और गले पर हमला कर दिया।
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| प्रतीकात्मक तस्वीर |
जगराम के चीखने की आवाज सुनकर परिवार और गांव के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन इससे पहले ही अजय वहां से फरार हो गया। बेटे सुभाष ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी और पिता को सीएचसी सिरसिया लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने जगराम को मृत घोषित कर दिया।
हत्या की सूचना मिलते ही शनिवार सुबह फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। घटना के बाद से गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। मृतक के बेटे सुभाष की तहरीर पर त्रिलोकपुर पुलिस ने आरोपी अजय उर्फ अभिषेक के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
त्रिलोकपुर थानाध्यक्ष मृत्युंजय पाठक ने बताया कि हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
यह आयोजन नेपाल में स्थित भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इसके लिए नई दिल्ली स्थित इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन (ICCR) के कुशेश्वर ठाकुर के नेतृत्व में एक विशेष दल नेपाल पहुंच चुका है। जनकपुर स्थित सांस्कृतिक केंद्र में इस कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं।
छऊ नृत्य भारत के ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड का प्रसिद्ध लोकनृत्य है। इसकी उत्पत्ति ओडिशा के मयूरभंज जनपद से मानी जाती है। पश्चिम बंगाल में इसे पुरुलिया छऊ और झारखंड में सरायकेला छऊ के रूप में जाना जाता है। इस नृत्य की विशेषता इसे अन्य लोकनृत्यों से अलग बनाती है। यही कारण है कि छऊ नृत्य को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया है।
छऊ नृत्य का महत्व बसंत ऋतु के चैत्र नवरात्र में अधिक बढ़ जाता है। पुराणों के अनुसार, यह नृत्य भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ा हुआ माना जाता है। नेपाल में महादेव और देवी की गहरी श्रद्धा होने के कारण इस नृत्य को वहां विशेष श्रद्धा की दृष्टि से देखा जाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले नेपाल के राजनेता व पूर्व सीएम
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद स्थित तुलसीपुर माता पाटेश्वरी देवी शक्ति पीठ पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नेपाल के लुंबिनी राज्य के राजनेताओं ने भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को जनकपुर, नेपाल स्थित जानकी मंदिर का चित्र सौंपा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि उत्तर प्रदेश और नेपाल के लुंबिनी राज्य के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्तों की जीवंतता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध पहले भी मधुर थे, आज भी मधुर हैं और आगे भी प्रगाढ़ बने रहेंगे।
लुंबिनी के पूर्व मुख्यमंत्री डी.बी. चौधरी ने भी रिश्तों को और सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत के बीच संबंध निभाने की परंपरा रही है, जिससे सदियों से आपसी सौहार्द बना हुआ है। इस दौरान मधेस प्रदेश के मुख्यमंत्री सतीश सिंह, पूर्व मंत्री के.सी. गुप्ता और पूर्व सांसद अभिषेक प्रताप शाह भी मौजूद रहे।
योगी आदित्यनाथ बलरामपुर जनपद में पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने पाटेश्वरी शक्ति पीठ में दर्शन किए।
उत्तर प्रदेश के वन्य क्षेत्रों में बहुतायत से मिलने वाले टेसू (पलाश) पुष्प को नेपाल के लुंबिनी प्रदेश का राज्य पुष्प बनाने की मांग उठी है।
कृष्णानगर नगर निकाय के मेयर रजत प्रताप शाह ने इस संबंध में लुंबिनी प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रस्ताव सौंपा है। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को नेपाल की केंद्रीय प्रतिनिधि सभा को भेज दिया है, जहां इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि टेसू फूल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का राज्य पुष्प भी है। नेपाल का लुंबिनी राज्य मधेसी जनपदों से मिलकर बना है, जहां के लोगों के वैवाहिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संबंध उत्तर प्रदेश से गहरे जुड़े हुए हैं।
रिपोर्ट : नीलू दुबे ,महराजगंज
सिद्धार्थनगर में प्राकृतिक एवं योग चिकित्सा केंद्र का शुभारंभ
इस अवसर पर प्राकृतिक एवं योग चिकित्सक डॉ. अनिल चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि न्यूरोपैथी, क्रायोप्रेटिक विधि, प्राकृतिक चिकित्सा और जीवनशैली में सुधार के जरिए कई गंभीर और दीर्घकालिक बीमारियों से राहत पाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि बीपी, शुगर, गठिया, सायटिका, कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, गैस, कब्ज जैसी बीमारियों का इलाज बिना दवा के संभव है।
डॉ. अनिल ने खानपान और जीवनशैली में सुधार को स्वास्थ्य का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि मनुष्य को छोड़कर कोई भी जीव किसी अन्य प्राणी का दूध नहीं पीता। उन्होंने दूध के अत्यधिक सेवन को लेकर भी सवाल उठाया और कहा कि क्या हमारी हड्डियां और इम्यूनिटी भैंस, घोड़े या हाथी से अधिक मजबूत है? उन्होंने बताया कि कई ऐसी चीजें हैं जो हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी हैं, लेकिन अनजाने में हमें नुकसान पहुंचा रही हैं।
प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना का उद्देश्य लोगों को दवाओं के बिना स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इस केंद्र में विशेष रूप से योग, ध्यान, प्राकृतिक चिकित्सा और न्यूरोपैथी के जरिए मरीजों को स्वस्थ जीवन जीने के उपाय बताए जाएंगे।
इस शुभारंभ कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से लवकुश ओझा एपी श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, सुनील श्रीवास्तव, रानू श्रीवास्तव, डब्ल्यू जैसवाल, दुर्गेश निषाद, कक्का तिवारी, दिव्य श्रीवास्तव और कान्हा शामिल थे।
बेटी बचाओ जन आंदोलन के तहत निकाली गई पदयात्रा
सिद्धार्थनगर। बुधवार को मेडिकेयर हॉस्पिटल फाउंडेशन के तत्वावधान में बेटी बचाओ जन आंदोलन के तहत एक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा रामलीला मैदान से गुरुनानक अकादमी तक निकाली गई, जिसका नेतृत्व फाउंडेशन के संस्थापक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. गणेश राख ने किया। इस यात्रा में स्थानीय नागरिकों, छात्र-छात्राओं, समाजसेवियों, शिक्षाविदों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
डॉ. गणेश राख ने बताया कि बेटी बचाओ जन आंदोलन की शुरुआत 3 जनवरी 2012 को पुणे से हुई थी। उन्होंने यह अभियान समाज में बेटियों के प्रति फैली नकारात्मक सोच को बदलने के उद्देश्य से शुरू किया था। उन्होंने बताया कि उनके पुणे,महाराष्ट्र स्थित अस्पताल में लड़की के जन्म पर प्रसव का पूरा बिल माफ किया जाता है और बच्ची के जन्म का उत्सव भी मनाया जाता है।
अब तक 3,000 से अधिक हो चुका है मुफ्त प्रसव
इस अनोखी पहल के तहत अब तक 3,000 से अधिक मुफ्त प्रसव कराई जा चुकी है। यह आंदोलन भारत ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश, नाइजीरिया और कांगो जैसे देशों तक भी फैल चुका है। वर्तमान में इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए देशभर में 13,000 से अधिक सामाजिक संस्थाएं और 25,000 से अधिक वालंटियर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलने का आह्वान
डॉ. गणेश राख ने कहा कि इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज को यह संदेश देना है कि बेटियां अभिशाप नहीं, बल्कि वरदान हैं। आयोजकों का मानना है कि बेटियों को सम्मान और समान अवसर देने के लिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की जरूरत है, जिसके लिए हर व्यक्ति को आगे आना होगा।
गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
इस अवसर पर नीलम श्रीवास्तव, योगेश, हिना परवीन, दुर्गेश श्रीवास्तव, रिंकू श्रीवास्तव, प्रतीक्षा पांडेय, प्रतीक सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : अंकित अग्रहरि
ओली चीन के करीब, प्रचंड ने फिर उठाया नरसंहार का मुद्दा
नीलू दुबे, महराजगंज। नेपाल में राजशाही समर्थकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लोकतांत्रिक दलों ने अपनी पुरानी रणनीतियों को दोबारा अपनाना शुरू कर दिया है। माओवादी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड ने राजपरिवार नरसंहार के मुद्दे को हवा देने की कोशिश की, जबकि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के बहाने चीन से नजदीकियां बढ़ाने का प्रयास किया। हालांकि, अब नेपाल के लोग, विशेष रूप से मधेसी समुदाय, इन दलों की रणनीतियों को महत्वहीन मानने लगे हैं।
नेपाल में लगभग 25 साल पहले हुए राजपरिवार नरसंहार की सच्चाई अब तक सामने नहीं आ सकी है। जब प्रचंड पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, तब भी इस मामले की जांच नहीं की गई और इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
हाल ही में नेपाल-चीन सीमा पर सिंधुपाल चौक में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रचंड ने मौजूदा नरेश ज्ञानेंद्र विक्रम शाह को नरसंहार के लिए दोषी ठहराया और उन्हें "स्वर्ण माफिया" तक कह दिया। हालांकि, नेपाली जनता इसे राजनीतिक चाल समझ रही है।
वहीं, ओली बीआरआई के बहाने चीन के साथ संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में कास्ठमंडप संवाद में उन्होंने नेपाल-चीन के प्रगाढ़ संबंधों को लेकर कई बयान दिए।
नेपाल मामलों के जानकार यशोदा श्रीवास्तव के अनुसार, ओली सरकार की यह प्रतिक्रिया हाल ही में काठमांडू के नारायणहिटी राजदरबार के सामने ज्ञानेंद्र विक्रम शाह के समर्थन में उमड़ी भारी भीड़ के बाद आई है।
इससे पहले, नेपाल में योगी आदित्यनाथ के समर्थन में पोस्टर लहराए जाने से ओली सरकार पहले से ही असहज थी। ओली सरकार अब मधेसी इलाकों में चीन समर्थक विचारधारा के प्रचार में जुट गई है।
हालांकि, नेपाल में अधिकांश विकास कार्य भारत के सहयोग से ही चल रहे हैं, जिसमें यातायात, कृषि और शिक्षा से जुड़ी कई परियोजनाएं शामिल हैं।
17 मार्च को यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल नेपाल से सटे भारतीय जिलों महराजगंज और सिद्धार्थनगर के दौरे पर थीं। उन्होंने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में कहा कि यह संस्थान नेपाल के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता
नेपाल क्राइम ब्रांच ने 18 मार्च मंगलवार को दोपहर के समय भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा बरामद की है। यह बरामदगी गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी के दौरान हुई।
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| प्रतीकात्मक चित्र |
प्रारंभिक जांच के अनुसार, कंटेनर के माध्यम से भारी मात्रा में नकदी को सिंधु पोलक बॉर्डर से चीन भेजने की योजना थी। यह नेपाल में पहली बार है जब इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा पकड़ी गई है।
नेपाल क्राइम ब्रांच के एसएसपी रमेश बस्नेत ने बताया कि जब्त किए गए कंटेनर का नंबर 1 ख 1632 था। इसमें से 3,20,385 अमेरिकी डॉलर और 13,75,000 यूरो बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत 25 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा नेपाल में कैसे पहुंची और इसे चीन क्यों भेजा जा रहा था।
इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन उनकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के हित में आरोपियों की जानकारी गोपनीय रखी गई है।
रिपोर्ट: नीलू दुबे, महाराजगंज
राजशाही समर्थक दलों की बढ़ती गतिविधियां
नेपाल में राजशाही की पैरोकारी करने वाले दलों की बढ़ती सक्रियता ने लोकतांत्रिक सरकार और अन्य दलों को सतर्क कर दिया है। सरकार को आशंका है कि ये दल कहीं नारायण हिती (शाही राजदरबार) पर कब्जा न कर लें। इसी के चलते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करते हुए सेना को नारायण हिती की सुरक्षा का जिम्मा सौंप दिया गया है।
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| नेपाल की लुंबिनी विधानसभा में बोलते पूर्व मंत्री व विधायक सीके गुप्ता (चंद्र केश) |
हिंदुत्व और यूपी के सीएम का असर
नेपाल में राजशाही बहाली की चर्चा कोई नई नहीं है, लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम और तस्वीरें इस अभियान से जोड़े जाने के कारण मामला और गंभीर हो गया है। नेपाल सरकार और अन्य राजनीतिक दल इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। 19 फरवरी को राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के प्रजातंत्र दिवस समारोह में पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र के संबोधन ने इस मुद्दे को और हवा दी।
पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र धार्मिक स्थलों की यात्रा बढ़ा रहे हैं। जनवरी 2025 में मकर संक्रांति पर उन्होंने गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ में दर्शन कर खिचड़ी अर्पित की। पहले ये कार्यक्रम गोपनीय रहता था, लेकिन इस बार इसे सार्वजनिक किया गया, जिससे उनकी सक्रियता पर चर्चाएं तेज हो गईं।
नेपाल की लुंबिनी विधानसभा, जो भारत की सीमा से सटी हुई है, में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी नीतियों की चर्चा होती रहती है। पूर्व मंत्री व विधायक चंद्रकेश गुप्ता ने नेपाल सरकार को योगी की पर्यटन नीति से सीख लेने की सलाह दी और प्रयागराज कुम्भ आयोजन का उदाहरण दिया।
नेपाल में चल रही राजनीतिक हलचल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भले ही नेपाल का आंतरिक मामला हो, लेकिन हिंदुत्व की एकजुटता पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है। हिंदूवादी नेता और यूपी विधानसभा के पूर्व सदस्य राघवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि हिंदुओं के उत्पीड़न को किसी भी देश में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नेपाल में राजशाही की मांग के पीछे राजनीतिक अस्थिरता भी एक प्रमुख कारण है। 2008 में राजशाही समाप्त होने के बाद से नेपाल में कोई स्थायी सरकार नहीं बन सकी। माओवादी नेता प्रचंड की पहली सरकार केवल 9 महीने चली। बार-बार सरकारों के बदलने और विकास कार्यों के प्रभावित होने से जनता में यह धारणा बनी है कि केवल राजा ही देश को स्थिरता दे सकता है।
रिपोर्ट : नीलू दुबे,महाराजगंज
राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा
सीतापुर जनपद के पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की हत्या को लेकर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन तहसील इकाई डुमरियागंज के पदाधिकारियों ने उप जिलाधिकारी डॉ. संजीव दीक्षित को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश पांडेय, महामंत्री अफ़ज़ान फारूकी, संरक्षक पप्पू रिजवी, संजय त्रिपाठी और नफ़ासत रिजवी के नेतृत्व में यह ज्ञापन मंगलवार को दिया गया।
ज्ञापन में मांग की गई कि मृतक पत्रकार के परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। हत्यारों और साजिश में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित हो।
साथ ही परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, आश्रित को राजकीय सेवा में नौकरी, मृतक की पत्नी को आजीवन पेंशन और अनाथ बच्चों की शिक्षा व विवाह का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने की मांग की गई।
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
पत्रकारों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
आईजेए ने भी सौंपा ज्ञापन
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजेए) की तहसील शाखा डुमरियागंज ने भी राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। तहसील इकाई के अध्यक्ष राजेश यादव और संरक्षक विक्रांत श्रीवास्तव के नेतृत्व में पत्रकारों ने हत्यारों को कड़ी सजा देने की मांग की।
आईजेए महामंत्री पुरुषोत्तम दुबे ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की, जबकि प्रदेश सचिव हाशिम रिजवी ने दोषियों को फांसी देने की अपील की।
पत्रकारों की व्यापक भागीदारी
इस मौके पर मनोज शुक्ला, असगर जमील, अनिल मिश्रा, योगेश यादव, अज्जू सिंह, तौकीर असलम, विजयपाल चतुर्वेदी, मोहम्मद इस्माइल, आदित्य सिंह, सफायत अली, देवानंद पाठक समेत कई पत्रकार और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
नेपाल में राजशाही की गतिविधियां तेज
नेपाल में राजशाही की पुनर्स्थापना की मांग इन दिनों जोर पकड़ रही है। रविवार को राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा), जो राजशाही समर्थक मानी जाती है, ने नेपाल नरेश के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षनाथ पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के पोस्टर लहराए। यह पोस्टर नेपाल और भारत के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो गया है।
मकर संक्रांति के अवसर पर नेपाल के राजा ज्ञानेंद्र ने परंपरा के तहत गोरक्षनाथ मंदिर, गोरखपुर में खिचड़ी चढ़ाकर मंगलकामना की थी। उनके नेपाल लौटने के बाद से राजशाही की बहाली को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। राप्रपा ने रैलियां और प्रदर्शन बढ़ा दिए हैं, जिससे नेपाल में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
नेपाल-भारत के घनिष्ठ संबंध
नेपाल और भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश, के बीच सीमा से जुड़े होने के कारण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध मजबूत हैं। गोरक्षनाथ मंदिर और नेपाल राजशाही का रिश्ता सदियों पुराना है। 2008 में नेपाल में राजशाही समाप्त हो गई थी और लोकतांत्रिक गठबंधन सरकार अस्तित्व में आई थी। इस साल 2025 में मकर संक्रांति के दौरान नेपाल के राजा ज्ञानेंद्र ने गुरू गोरक्षनाथ मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की। वे सड़क मार्ग से गोरखपुर गए थे और उनकी नेपाल वापसी पर सीमा क्षेत्र में भव्य स्वागत किया गया था। रविवार को जब राजा पोखरा से लौट रहे थे, तब राप्रपा समर्थकों ने उनके साथ योगी आदित्यनाथ का पोस्टर भी लहराया। यह तस्वीरें 24 घंटे के भीतर ही नेपाल और उत्तर प्रदेश में वायरल हो गईं।
हिंदुत्व की मजबूत छवि हैं योगी आदित्यनाथ
गोरक्षनाथ मंदिर से जुड़े योगी आदित्यनाथ की छवि एक मजबूत हिंदू नेता के रूप में है, जो मुख्यमंत्री बनने के बाद और अधिक प्रभावशाली हुई है। वहीं, नेपाल का शाही परिवार भी हिंदुत्व से जुड़ा माना जाता है। नेपाल के कई हिंदू घरों में आज भी पूर्व नरेश स्व. वीरेंद्र विक्रम और मौजूदा राजा ज्ञानेंद्र की तस्वीरें देखी जाती हैं।गोरक्षनाथ मंदिर की लोकप्रियता नेपाल में भी काफी अधिक है।
रिपोर्ट : नीलू दुबे,महाराजगंज
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने बीते आठ वर्षों में राज्य को नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के रूप में विकसित करने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ‘स्केल’ को ‘स्पीड’ के साथ जोड़ा गया है और ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र को प्रभावी रूप से लागू किया गया है।
प्रदेश सरकार ने 33 सेक्टोरियल पॉलिसी के माध्यम से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत किया है। निवेश मित्र पोर्टल के जरिए 500 से अधिक क्लियरेंस सिंगल विंडो सिस्टम के तहत प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही, निवेश सारथी के माध्यम से निवेशकों के एमओयू की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, सेक्टर-145 में शनिवार को माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर का शिलान्यास किया। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष और सीईओ सत्या नडेला सहित पूरी टीम को धन्यवाद दिया और कहा कि यह सेंटर उत्तर भारत में आईटी सेक्टर के नए युग की शुरुआत करेगा। उन्होंने बताया कि यह सेंटर एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी का हब बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश मोबाइल फोन निर्माण में 65% और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन में 55% हिस्सेदारी के साथ देश में नंबर एक पर है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरे हैं।
प्रदेश सरकार डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए ई-पॉस मशीन और डीबीटी के माध्यम से सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बना रही है। राज्य सचिवालय में ई-ऑफिस प्रणाली प्रभावी रूप से लागू की गई है।
सरकार स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत दो करोड़ युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित कर रही है। अब तक 50 लाख युवाओं को इसका लाभ मिला है। इसके अलावा, आईआईटी कानपुर, आईआईएम लखनऊ और एसजीपीजीआई लखनऊ के सहयोग से सात ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाए जा रहे हैं।
प्रदेश सरकार डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और एआई में निवेश के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर कार्य कर रही है। माइक्रोसॉफ्ट के आने से युवाओं को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता, आईटी मंत्री सुनील कुमार शर्मा, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
समय पर जांच और उपचार से कैंसर से बचाव संभव
ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में व्यापक कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एक नि:शुल्क कैंसर जांच एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, परसरामपुर, बस्ती में सोमवार को आयोजित हुआ। शिविर का संचालन हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान, गीता वाटिका, गोरखपुर द्वारा किया गया।
शिविर में 126 लोगों की जांच की गई, जिसे कैंसर विशेषज्ञ डॉ. सी. पी. अवस्थी और सहायक चिकित्सक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने स्वास्थ्य समस्याओं की जांच कर कैंसर संबंधी लक्षणों का मूल्यांकन किया और उचित परामर्श एवं निशुल्क दवाइयों का वितरण किया।
कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता आवश्यक
डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने कैंसर जागरूकता अभियान के तहत स्वास्थ्य केंद्र की ए.एन.एम., संगिनी, आशा कार्यकर्ताओं और आम जनता को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान, तंबाकू, गुटका, शराब का सेवन छोड़ना आवश्यक है। साथ ही, संतुलित आहार, शारीरिक सक्रियता और सूर्य से बचाव भी जरूरी हैं। एचपीवी और हेपेटाइटिस बी टीकाकरण को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
ग्रामीण महिलाओं में जागरूकता की कमी
शिविर प्रबंधक अजय श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं में कैंसर को लेकर सामाजिक कलंक और भय की वजह से वे लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं। कैंसर को संक्रामक मानने जैसी अंधविश्वासपूर्ण धारणाएं अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित हैं। कुछ मामलों में तो कैंसर पीड़ितों को गांव छोड़ने तक के लिए मजबूर कर दिया जाता है, जो कि गलत है।
समुदाय-आधारित शिक्षा से कैंसर की रोकथाम संभव
शिविर में कैंसर जागरूकता पत्रक और पुस्तिकाएं वितरित की गईं, ताकि लोग समुदाय-आधारित शैक्षिक हस्तक्षेपों के माध्यम से कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ा सकें। इस तरह के प्रयास कैंसर की शीघ्र पहचान और रोकथाम की रणनीतियों में सुधार कर सकते हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों का योगदान
इस शिविर में प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भास्कर यादव, डॉ. डिम्पल वर्मा, डॉ. अशोक कुमार वर्मा, अजय श्रीवास्तव, सत्यवती तिवारी, अतुल पांडेय, श्वेतांक सिंह, सुशील कुमार, राजेश गुप्ता, रामसूरत सिंह समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दीवार गिराकर मार्ग किया सुचारू
तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत लटिया में आबादी की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को प्रशासन ने रविवार को हटवा दिया। यह कार्रवाई उपजिलाधिकारी डुमरियागंज के न्यायालय द्वारा धारा 133 के तहत पारित आदेश के तहत पुलिस बल की सहायता से की गई।
तहसीलदार रवि कुमार यादव ने बताया कि गांव के सईद मोहम्मद फिरोज पुत्र मोहम्मद मुस्तफा, इरफान अली पुत्र अनवारूल जमा, इजहार अली पुत्र अब्दुल गफ्फार और मोहम्मद इब्राहिम पुत्र मोहम्मद इस्माइल ने आबादी की भूमि पर दीवार खड़ी कर मार्ग अवरुद्ध कर दिया था।
एसडीएम कोर्ट ने दिया था आदेश
मामले की सुनवाई एसडीएम कोर्ट में हुई, जिसमें अवैध कब्जा हटाने का आदेश पारित किया गया। आदेश के अनुपालन में राजस्व टीम और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बनाई गई दीवार को गिराकर मार्ग को सुचारू रूप से चालू कराया।
कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान लेखपाल अंबिका प्रसाद, राजेश प्रताप मणि और ग्राम प्रधान मोहम्मद अनीश सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।